उदयपुर क्यों कहलाता है “झीलों का शहर”? – रोचक तथ्य और इतिहास

राजस्थान की धरती पर बसा Udaipur अपनी खूबसूरती, शाही विरासत और शांत झीलों के कारण पूरी दुनिया में “झीलों का शहर” (City of Lakes) के नाम से प्रसिद्ध है। अरावली की पहाड़ियों से घिरा यह शहर प्राकृतिक सौंदर्य और इतिहास का अनोखा संगम है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि उदयपुर को यह पहचान कैसे मिली? आइए जानते हैं इसके पीछे का इतिहास, रोचक तथ्य और झीलों से जुड़ी अनसुनी कहानियाँ।


🏰 उदयपुर की स्थापना – संघर्ष से जन्मा एक स्वर्णिम शहर

उदयपुर की स्थापना 1559 ईस्वी में मेवाड़ के शासक Maharana Udai Singh II ने की थी। उस समय मेवाड़ की राजधानी चित्तौड़गढ़ थी, लेकिन लगातार हो रहे आक्रमणों के कारण एक सुरक्षित और प्राकृतिक रूप से संरक्षित स्थान की आवश्यकता महसूस हुई।

कहा जाता है कि महाराणा उदय सिंह जब शिकार के लिए अरावली की पहाड़ियों में आए, तब एक साधु ने उन्हें इसी स्थान पर नया नगर बसाने का आशीर्वाद दिया। यह स्थान चारों ओर पहाड़ियों और जल स्रोतों से घिरा हुआ था, जो सुरक्षा और समृद्धि दोनों के लिए उपयुक्त था।

इस तरह उदयपुर का जन्म हुआ — एक ऐसा शहर जो आगे चलकर मेवाड़ की नई राजधानी बना।


🌊 प्रसिद्ध झीलें – उदयपुर की असली पहचान

उदयपुर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी झीलें हैं, जिनकी वजह से इसे “झीलों का शहर” कहा जाता है।

1️⃣ लेक पिछोला (Lake Pichola)

यह झील 14वीं शताब्दी में बनाई गई थी और आज उदयपुर की पहचान बन चुकी है।

  • झील के बीचों-बीच स्थित जग मंदिर और लेक पैलेस इसकी सुंदरता को और बढ़ाते हैं।
  • सूर्यास्त के समय यहाँ की नौका विहार (Boating) का अनुभव बेहद रोमांटिक और यादगार होता है।
  • कहा जाता है कि मुगल बादशाह शाहजहाँ ने यहीं की सुंदरता से प्रेरित होकर ताजमहल के कुछ डिज़ाइन विचार लिए थे।

2️⃣ फतेह सागर लेक (Fateh Sagar Lake)

फतेह सागर झील का निर्माण मूल रूप से 1687 में हुआ था, जिसे बाद में महाराणा फतेह सिंह ने पुनर्निर्मित करवाया।

  • यह झील तीन छोटे द्वीपों (आइलैंड्स) में विभाजित है।
  • यहाँ स्थित नेहरू गार्डन पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।
  • मॉनसून के दौरान झील का भराव और आसपास की हरियाली दृश्य को स्वर्ग जैसा बना देती है।

🌿 झीलों से जुड़ी अनसुनी कहानियाँ

🔹 प्राकृतिक सुरक्षा कवच:
उदयपुर की झीलें केवल सुंदरता के लिए नहीं बनाई गई थीं, बल्कि ये शहर की जल आपूर्ति और सुरक्षा का प्रमुख स्रोत थीं।

🔹 आपस में जुड़ी जल प्रणाली:
उदयपुर की कई झीलें आपस में जुड़ी हुई हैं। बारिश का पानी एक झील से दूसरी झील में प्रवाहित होता है, जिससे जल संरक्षण की अनोखी व्यवस्था बनती है।

🔹 शाही जीवन का केंद्र:
राजघराने की कई महत्वपूर्ण गतिविधियाँ और उत्सव झीलों के किनारे आयोजित होते थे। झीलें मेवाड़ की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रही हैं।


👑 इतिहास, प्रकृति और रोमांस का संगम

उदयपुर केवल एक ऐतिहासिक शहर नहीं है, बल्कि यह भावनाओं, प्रेम और शांति का प्रतीक भी है। यहाँ की झीलें, महल और पहाड़ियाँ मिलकर ऐसा दृश्य प्रस्तुत करते हैं जो किसी चित्रकला से कम नहीं।

इसी कारण उदयपुर को केवल “झीलों का शहर” ही नहीं, बल्कि भारत का सबसे रोमांटिक शहर भी कहा जाता है।


✨ निष्कर्ष

“झीलों का शहर” कहलाने के पीछे उदयपुर की ऐतिहासिक दूरदर्शिता, जल संरक्षण की अनोखी व्यवस्था और प्राकृतिक सुंदरता का बड़ा योगदान है।

अगर आप इतिहास, प्रकृति और शाही वैभव का अनुभव एक साथ करना चाहते हैं, तो उदयपुर आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए।

उदयपुर सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि पानी और पहाड़ों के बीच बसी एक जीवंत विरासत है।

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