उदयपुर में पर्यटकों को परेशान कर रहे 5 लपके गिरफ्तार किए जाने का मामला सामने आया है। पर्यटन थाना पुलिस ने शहर के अलग-अलग प्रमुख चौराहों पर कार्रवाई करते हुए ऐसे पांच लोगों को पकड़ लिया, जो कथित तौर पर कमीशन के लालच में बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को चुनिंदा दुकानों पर खरीदारी के लिए मजबूर करते थे। आरोपियों के खिलाफ राजस्थान पर्यटन व्यवसाय अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि, सभी धाराएं जमानती होने के कारण गिरफ्तारी के कुछ ही समय बाद उन्हें जमानत मिल गई।
पुलिस की गश्त के दौरान हुई कार्रवाई
पर्यटन थाना पुलिस ने नियमित गश्त के दौरान पारस चौराहा, सूरजपोल और उदयपोल चौराहा क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया। इस दौरान उदयपोल बस स्टैंड, चंपालाल धर्मशाला के सामने और पारस चौराहे सहित विभिन्न स्थानों से पांच आरोपियों को हिरासत में लिया गया।प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ये लोग शहर के व्यस्त चौराहों पर बाइक के साथ मौजूद रहते थे और जैसे ही दिल्ली, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों के नंबर वाले वाहन दिखाई देते, वे पर्यटकों के पास पहुंच जाते थे।
सस्ते शहर भ्रमण का लालच देकर बनाते थे शिकार
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी पर्यटकों को कम खर्च में शहर घूमाने और दर्शनीय स्थलों की सैर कराने का झांसा देते थे। विश्वास जीतने के बाद वे उन्हें अपने साथ ले जाकर पहले से तय दुकानों तक पहुंचाते थे।इसके बाद पर्यटकों को हस्तशिल्प, राजस्थानी परिधान और अन्य सामान खरीदने के लिए लगातार प्रेरित किया जाता था। कई मामलों में खरीदारी का दबाव भी बनाया जाता था, जिससे पर्यटकों का यात्रा अनुभव प्रभावित होता था।
कमीशन के लिए चुनिंदा दुकानों पर ले जाते थे पर्यटक
पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपियों ने शहर के कुछ हैंडीक्राफ्ट और राजस्थानी ड्रेस कारोबारियों के साथ मोटे कमीशन का समझौता कर रखा था। बताया जा रहा है कि प्रत्येक खरीदारी पर उन्हें करीब 30 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था।इसी आर्थिक लाभ के कारण पर्यटकों को केवल उन्हीं दुकानों पर ले जाया जाता था, जहां से उन्हें अधिक कमीशन प्राप्त होता था। इससे पर्यटक अपनी पसंद से खरीदारी करने के बजाय दबाव महसूस करते थे।
किसी भी आरोपी के पास नहीं मिला गाइड का लाइसेंस
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से आवश्यक दस्तावेज और लाइसेंस की भी जांच की। पूछताछ में सामने आया कि किसी भी व्यक्ति के पास पर्यटकों का मार्गदर्शन करने या अधिकृत गाइड के रूप में कार्य करने का वैध लाइसेंस नहीं था।इसके आधार पर पुलिस ने राजस्थान पर्यटन व्यवसाय अधिनियम के तहत मामला दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में जल्द ही न्यायालय में चालान पेश किया जाएगा।
जमानती धाराओं के कारण मिली तुरंत राहत
पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किया गया। चूंकि मामले में लगी धाराएं जमानती थीं, इसलिए सभी आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमानत मिल गई।हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और यदि आगे किसी अन्य प्रकार की अनियमितता या अतिरिक्त साक्ष्य सामने आते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
पर्यटन सीजन को देखते हुए अभियान रहेगा जारी
उदयपुर देश-विदेश के पर्यटकों के लिए प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। ऐसे में पुलिस प्रशासन आगामी पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और चौराहों पर विशेष निगरानी रखेगा।पुलिस ने संकेत दिए हैं कि पर्यटकों को भ्रमित करने, जबरन खरीदारी कराने, अवैध रूप से गाइड बनने या कमीशन के लिए गलत तरीके अपनाने वाले लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही पर्यटकों से भी अपील की जा रही है कि वे केवल अधिकृत गाइड और विश्वसनीय पर्यटन सेवाओं का ही उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
निष्कर्ष
उदयपुर की पर्यटन छवि बनाए रखना प्रशासन और स्थानीय नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। पर्यटकों को गुमराह कर निजी लाभ कमाने वाले तत्व न केवल यात्रियों को परेशानी में डालते हैं, बल्कि शहर की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे लोगों के लिए स्पष्ट संदेश है कि पर्यटन व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर सख्ती जारी रहेगी। यदि पर्यटक भी सतर्क रहें और अधिकृत सेवाओं का उपयोग करें, तो ऐसे मामलों पर प्रभावी रूप से रोक लगाई जा सकती है।