राज्य सरकार ने हालिया बजट में सरकारी कर्मचारियों, महिला कार्मिकों और उनके आश्रितों के लिए कई महत्वपूर्ण और राहतकारी घोषणाएँ की हैं। इन फैसलों का उद्देश्य कर्मचारियों के कल्याण, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना है। आइए जानते हैं इन बड़े प्रावधानों के बारे में विस्तार से।
🔹 अनुकंपा नियुक्ति में बड़ा निर्णय
सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में अहम बदलाव किया है। अब यदि किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसकी पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार मिलेगा।
साथ ही, यदि कोई कर्मचारी सेवा के दौरान स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है और नौकरी करने में असमर्थ है, तो उसके आश्रित को भी अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी।
यह निर्णय उन परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा, जो अचानक आर्थिक संकट का सामना करते हैं।
🔹 एक साल में इस्तीफा देने पर वेटिंग से भरी जाएगी वैकेंसी
सरकार ने युवाओं के हित में भी अहम फैसला लिया है। यदि कोई चयनित अभ्यर्थी जॉइनिंग के बाद एक वर्ष के भीतर इस्तीफा देता है, तो उस पद को वेटिंग लिस्ट से भरा जाएगा।
इससे प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा और रिक्त पद लंबे समय तक खाली नहीं रहेंगे।
🔹 राज्य सेवा अधिकारियों को विदेश प्रशिक्षण
आईएएस अधिकारियों की तर्ज पर अब राज्य सेवा के अधिकारियों को भी विदेश में प्रशिक्षण की सुविधा दी जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य अधिकारियों को आधुनिक प्रशासनिक तकनीकों से परिचित कराना और उन्हें “रूल बेस्ड” कार्यशैली से आगे बढ़ाकर “रोल बेस्ड” और कर्मयोगी भावना के साथ काम करने के लिए प्रेरित करना है।
🔹 सैलरी अकाउंट पैकेज और बैंकिंग सुविधाएँ
सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए एक विशेष सैलरी अकाउंट पैकेज लाया जाएगा। इसमें शामिल होंगी:
- एडवांस्ड बैंकिंग सुविधाएँ
- रियायती दरों पर लोन
- बीमा कवर
- अन्य वित्तीय लाभ
यह सुविधा 70 वर्ष तक के पेंशनर्स को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
🔹 महिला कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान
राजकीय कार्यालयों में महिला कर्मचारियों को तनावमुक्त और सुरक्षित वातावरण देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
कार्यालय समय में छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों की देखभाल के लिए “मुख्यमंत्री शिशु वात्सल्य सदन” खोले जाएंगे। इससे कामकाजी महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी और वे बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगी।
निष्कर्ष
राज्य सरकार के ये निर्णय प्रशासनिक सुधार, कर्मचारी कल्याण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। अनुकंपा नियुक्ति में विस्तार, विदेश प्रशिक्षण, सैलरी पैकेज और महिला कर्मचारियों के लिए विशेष सुविधाएँ निश्चित रूप से सरकारी तंत्र को अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनाएंगी।