राजस्थान की जनता को शुक्रवार सुबह महंगाई का बड़ा झटका लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और कच्चे तेल की सप्लाई पर बढ़ते दबाव का असर अब सीधे प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर दिखाई देने लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने आमजन की चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार पेट्रोल की कीमतों में करीब 3 से 4 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हुआ है। उदयपुर में पेट्रोल की कीमत बढ़कर ₹108.79 प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल भी महंगा होकर ₹93.98 प्रति लीटर बिक रहा है। बढ़ती कीमतों के कारण वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इसका सीधा असर भारत सहित कई देशों में ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है। तेल कंपनियों ने भी बढ़ती लागत का हवाला देते हुए नई दरें लागू कर दी हैं।
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। परिवहन खर्च बढ़ने से सब्जियों, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं के दाम भी आने वाले दिनों में बढ़ सकते हैं। इससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।
शुक्रवार सुबह पेट्रोल पंपों पर लोगों के बीच बढ़ी कीमतों को लेकर चर्चा और नाराजगी साफ देखने को मिली। कई लोगों ने सरकार से टैक्स में राहत देने और कीमतों को नियंत्रित करने की मांग की है।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में और उछाल आता है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। ऐसे में महंगाई का असर आम जीवन पर और अधिक गहराने की संभावना जताई जा रही है।
