उदयपुर। किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को उदयपुर के नीमच माता रोपवे पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और जिला सिविल डिफेंस की संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
इस अभ्यास की पूर्व सूचना रेस्क्यू टीमों को नहीं दी गई, ताकि वास्तविक आपदा जैसी परिस्थितियों में उनकी प्रतिक्रिया, समन्वय और कार्यक्षमता का आकलन किया जा सके।
मॉक ड्रिल के दौरान कंट्रोल रूम से सूचना दी गई कि रोपवे की एक ट्रॉली बीच रास्ते में फंस गई है और उसमें कई यात्री मौजूद हैं। सूचना मिलते ही NDRF, SDRF और जिला सिविल डिफेंस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और संयुक्त रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

रेस्क्यू टीमों ने विशेष बचाव उपकरणों और सुरक्षा तकनीकों की सहायता से ट्रॉली तक पहुंचकर सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारा। पूरे अभियान के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल, त्वरित निर्णय क्षमता और प्रभावी समन्वय देखने को मिला।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में रेस्क्यू एजेंसियों की तैयारियों और कार्यप्रणाली का परीक्षण करना था, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में कम समय में प्रभावी बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।
अधिकारियों ने मॉक ड्रिल को सफल बताते हुए इसे आपदा प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण और उपयोगी अभ्यास बताया।
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