उदयपुर में सूने मकान से लाखों के जेवर-नकदी चोरी के मामले में सवीना थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने चोरी के बाद अपनी पहचान छिपाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से घर में लगे CCTV कैमरों का DVR और वाईफाई डोंगल भी अपने साथ ले लिया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक के खिलाफ पहले से 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वे अन्य चोरी की घटनाओं में भी शामिल रहे हैं या नहीं।
सवीना थाना क्षेत्र में हुई थी वारदात
जानकारी के अनुसार यह घटना उदयपुर के सवीना थाना क्षेत्र की है। पीड़ित रवि गोराणा ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया कि उनका परिवार किसी काम से चंडीगढ़ गया हुआ था। 19 जून 2026 की सुबह पड़ोसी ने फोन कर घर में चोरी होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिवार तुरंत उदयपुर लौटा।घर पहुंचने पर देखा गया कि मकान के कमरों के ताले टूटे हुए थे और पूरा सामान बिखरा पड़ा था। चोर घर से लगभग 16 से 17 तोला सोने के जेवर, करीब 250 ग्राम चांदी के आभूषण और लगभग एक लाख रुपये नकद चोरी कर ले गए थे।
CCTV का DVR और वाईफाई डोंगल भी ले गए
इस चोरी की सबसे खास बात यह रही कि आरोपियों ने केवल जेवर और नकदी ही नहीं चुराई, बल्कि घर में लगे CCTV कैमरों का DVR और वाईफाई डोंगल भी साथ ले गए। पुलिस के अनुसार ऐसा इसलिए किया गया ताकि वारदात के सबूत मिटाए जा सकें और उनकी पहचान न हो सके।हालांकि आरोपियों की यह चाल ज्यादा देर तक सफल नहीं हो सकी क्योंकि आसपास की कॉलोनियों और रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुई।
CCTV फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
सवीना थाना पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की। इसके बाद पुलिस टीम ने लगातार कई स्थानों पर दबिश दी।जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे ताकि पुलिस की गिरफ्त से बच सकें। लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
थानाधिकारी गजवीर सिंह सोलंकी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लक्की नाथ पुत्र किशननाथ कालबेलिया निवासी रामनगर भुवाणा तथा लोकेश उर्फ भोड़ा पुत्र देवीलाल कालबेलिया निवासी गोवर्धन विलास के रूप में हुई है।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार लोकेश उर्फ भोड़ा के खिलाफ चोरी, नकबजनी, मारपीट और हत्या के प्रयास सहित कुल 12 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं लक्की नाथ के खिलाफ चोरी और नकबजनी के तीन मामले दर्ज बताए गए हैं।पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने शहर या आसपास के क्षेत्रों में अन्य चोरी की घटनाओं को भी अंजाम दिया है या नहीं।
बढ़ती चोरी की घटनाओं से लोगों में चिंता
उदयपुर में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर वे परिवार जो किसी कारणवश कुछ दिनों के लिए शहर से बाहर जाते हैं, उनके बीच सुरक्षा को लेकर असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।स्थानीय नागरिकों का मानना है कि रिहायशी इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ-साथ आधुनिक निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि घर छोड़कर बाहर जाने से पहले पड़ोसियों को सूचना देना, सुरक्षा अलार्म और क्लाउड आधारित CCTV सिस्टम का उपयोग करना ऐसी घटनाओं को रोकने में मददगार हो सकता है।
पुलिस अन्य मामलों की भी कर रही जांच
पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है और चोरी गए सामान की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है। साथ ही आरोपियों के संपर्कों और उनके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है ताकि चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
निष्कर्ष
उदयपुर के सवीना थाना क्षेत्र में हुई इस चोरी का खुलासा पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। CCTV DVR और वाईफाई डोंगल चोरी कर सबूत मिटाने की कोशिश करने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने यह साबित किया है कि तकनीकी जांच और लगातार निगरानी से अपराधियों तक पहुंचा जा सकता है। हालांकि शहर में बढ़ती चोरी की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल भी खड़े कर रही हैं। ऐसे में पुलिस और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय तथा सतर्कता ही इस तरह की घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।