उदयपुर में अगले 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी होने के बाद पूरे जिले में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। शनिवार सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्मी से राहत दी। मौसम विभाग ने जिले के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए आगामी दो से तीन दिनों तक भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को जिलेभर में औसतन 39 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे कई जलाशयों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिली। खास तौर पर जयसमंद झील में पानी का स्तर बढ़ने के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी मानसून की सक्रियता तेज हो गई है।
जयसमंद झील में बढ़ा जलस्तर, गोमती-खरका नदी से बढ़ी आवक
लगातार हो रही बारिश का सबसे सकारात्मक असर जयसमंद झील पर दिखाई दिया है। एक दिन पहले झील का जलस्तर 3.98 मीटर था, जो शनिवार सुबह बढ़कर 4.04 मीटर पहुंच गया। यानी महज 24 घंटे में झील में 6 सेंटीमीटर पानी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।गोमती-खरका नदी के जरिए लगातार पानी की आवक होने से झील का स्तर धीरे-धीरे ऊपर आ रहा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार यदि आगामी दिनों में अच्छी बारिश जारी रहती है तो जयसमंद सहित अन्य प्रमुख जलाशयों की स्थिति में और सुधार हो सकता है।
सेई डेम पर सबसे ज्यादा बारिश, कई इलाकों में अच्छी बरसात
जल संसाधन विभाग की सुबह 8 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार बीते 24 घंटों में सबसे अधिक वर्षा सेई डेम क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां करीब 2 इंच बारिश हुई। इसके अलावा कोटड़ा में लगभग 1 इंच और सलूंबर जिले के सराड़ा क्षेत्र में 9 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।शुक्रवार तड़के शहर में सुबह करीब साढ़े पांच बजे तक तेज बारिश हुई, जबकि दिनभर कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। मौसम सुहावना होने के बावजूद लोगों की नजरें अब तेज बारिश पर टिकी हुई हैं।
पिछोला और सीसारमा नदी में भी बढ़ी पानी की आवक
नाई क्षेत्र के कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश होने के बाद नांदेश्वर चैनल के माध्यम से सीसारमा नदी में पानी का बहाव शुरू हो गया है। इसी के जरिए धीरे-धीरे पिछोला झील में भी पानी की आवक बढ़ रही है।जल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कैचमेंट क्षेत्रों में लगातार वर्षा होती रही तो शहर की प्रमुख झीलों में जलस्तर तेजी से बढ़ेगा, जिससे आने वाले महीनों में पेयजल संकट की आशंका काफी हद तक कम हो सकती है।
अगले तीन दिन भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों में अगले 2 से 3 दिनों तक भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। शनिवार सुबह से ही बादलों ने पूरे शहर को ढक रखा है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।शुक्रवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ठंडी हवाओं के कारण मौसम पूरी तरह मानसूनी बना हुआ है।
जलाशयों की वर्तमान स्थिति
बारिश के बाद जिले के प्रमुख जलाशयों में जलस्तर इस प्रकार दर्ज किया गया—
- फतहसागर झील: 1.91 मीटर (48 प्रतिशत भरी)
- पिछोला झील: 1.68 मीटर (50 प्रतिशत भरी)
- उदयसागर: 6.02 मीटर (82 प्रतिशत भरा)
- जयसमंद झील: 4.04 मीटर (48 प्रतिशत भरी)
- वल्लभनगर बांध: 3.96 मीटर (66 प्रतिशत भरा)
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि लगातार हो रही बारिश का असर जिले के अधिकांश जलाशयों पर दिखाई देने लगा है।
बारिश से राहत भी, परेशानी भी
एक ओर बारिश ने गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में जलभराव, कीचड़ और फिसलन जैसी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं। निचले इलाकों में लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीण मार्गों पर पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई है।कुछ क्षेत्रों में बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। स्थानीय लोगों ने बार-बार बिजली कटौती और फॉल्ट ठीक करने में हो रही देरी को लेकर बिजली विभाग के प्रति नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान बार-बार बिजली गुल होने से घरेलू कार्यों के साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। नागरिकों ने विभाग से त्वरित मरम्मत और बेहतर व्यवस्था की मांग की है।
निष्कर्ष
उदयपुर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आगामी तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग सतर्क हैं। जयसमंद झील सहित अन्य जलाशयों में बढ़ता जलस्तर राहत की खबर है, लेकिन लगातार बारिश के चलते लोगों को सावधानी बरतने की भी जरूरत है। मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के पास नहीं जाने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।