उदयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर शहर में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। नगर निगम क्षेत्र को कुल 80 वार्डों में बांटा गया है और इन सभी वार्डों में अलग-अलग क्षेत्रों के मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे। चुनाव को लेकर प्रशासन की ओर से मतदान केंद्रों और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
नगर निगम चुनाव में 11 सितंबर को मतदान होना निर्धारित है। मतदान के दौरान शहर के विभिन्न वार्डों में मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और चुनाव से जुड़े अधिकारी व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
इस चुनाव की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि मेयर पद अनारक्षित यानी ओपन कैटेगरी के लिए रखा गया है। ऐसे में इस पद के लिए निर्धारित वर्ग के बजाय सामान्य रूप से पात्र उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। मेयर पद को लेकर राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।
उदयपुर के 80 वार्डों में होने वाला यह चुनाव शहर के स्थानीय विकास और नागरिक सुविधाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सड़क, सफाई, जल व्यवस्था, यातायात और अन्य स्थानीय मुद्दे चुनाव में प्रमुख विषय रह सकते हैं। मतदान के बाद आने वाले परिणाम यह तय करेंगे कि नगर निगम की नई परिषद शहर के विकास की जिम्मेदारी संभालेगी।