उदयपुर में जगन्नाथ रथयात्रा आज, कई रूट्स पर रहेगी नो एंट्री: चांदपोल से भटियानी चौहट्टा तक रास्ते बंद, जानें नो व्हीकल और नो पार्किंग जोन

Devotees pulling the beautifully decorated Jagannath Rath during the Jagannath Rath Yatra near Jagdish Temple in Udaipur as Rajasthan Police manage security and traffic arrangements.

उदयपुर में जगन्नाथ रथयात्रा के आयोजन को लेकर शहर में आज व्यापक यातायात व्यवस्था लागू की गई है। भगवान श्री जगन्नाथजी की भव्य रथयात्रा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने दोपहर 11 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है। इस दौरान रथयात्रा मार्ग पर सामान्य वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी, जबकि कई स्थानों को नो व्हीकल और नो पार्किंग जोन घोषित किया गया है। प्रशासन ने शहरवासियों और बाहर से आने वाले लोगों से यात्रा के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

दोपहर 3 बजे जगदीश मंदिर से निकलेगी रथयात्रा

पुलिस प्रशासन के अनुसार भगवान श्री जगन्नाथजी की रथयात्रा गुरुवार दोपहर 3 बजे जगदीश मंदिर से शुरू होगी। इसके बाद रथ घंटाघर, बड़ा बाजार, मोचीवाड़ा, भड़भूजा घाटी, संतोषी माता मंदिर, तीज का चौक, धानमंडी, मार्शल चौराहा, अस्थल मंदिर, आरएमवी रोड, कैलाश कॉलोनी, कालाजी-गोराजी, रंग निवास और भटियानी चौहट्टा सहित विभिन्न मार्गों से होकर देर रात करीब 12 बजे पुनः जगदीश मंदिर पहुंचेगी।रथयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात दोनों स्तरों पर विशेष इंतजाम किए हैं।

इन मार्गों पर रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन

दोपहर 11 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक रथयात्रा मार्ग पर शोभायात्रा में शामिल वाहनों के अलावा किसी भी अन्य वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इससे शहर के कई व्यस्त बाजारों और मुख्य सड़कों पर सामान्य यातायात प्रभावित रहेगा।प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि यदि उन्हें पुराने शहर या रथयात्रा मार्ग के आसपास जाना हो तो पहले से वैकल्पिक मार्गों की योजना बनाएं ताकि अनावश्यक जाम और परेशानी से बचा जा सके।

नो व्हीकल और नो पार्किंग जोन की व्यवस्था

रथयात्रा के दौरान शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक आरएमवी रोड पर सूरजपोल थाना के सामने नो व्हीकल जोन लागू रहेगा। इसके अलावा कालाजी-गोराजी तिराहे से गुलाबबाग रोड स्थित बर्फ फैक्ट्री होते हुए उदियापोल तक के क्षेत्र को नो पार्किंग जोन घोषित किया गया है।आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के दोपहिया वाहनों के लिए आरएमवी स्कूल परिसर में विशेष पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वहीं नो पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहनों को क्रेन की सहायता से हटाया जाएगा। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

आपातकालीन सेवाओं को रहेगी छूट

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ट्रैफिक प्रतिबंध केवल सामान्य वाहनों पर लागू होगा। एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को इस व्यवस्था से छूट दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य प्रभावित न हों।साथ ही पुलिस बल को विभिन्न प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है, जिससे यातायात सुचारु बना रहे और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

व्यापारियों और आमजन से सहयोग की अपील

रथयात्रा मार्ग पर स्थित दुकानदारों और व्यापारियों से भी प्रशासन ने सहयोग की अपील की है। मुख्य मार्गों पर किसी भी प्रकार का वाहन पार्क नहीं करने और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।स्थानीय लोगों को भी सलाह दी गई है कि यदि अत्यंत आवश्यक कार्य न हो तो रथयात्रा के समय पुराने शहर की ओर निजी वाहन लेकर जाने से बचें। इससे न केवल जाम की स्थिति कम होगी बल्कि धार्मिक आयोजन भी शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकेगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान

हर वर्ष की तरह इस बार भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, पार्किंग और आपातकालीन सेवाओं के लिए विस्तृत योजना तैयार की है।यात्रा मार्ग पर लगातार पुलिस की निगरानी रहेगी और आवश्यकतानुसार यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की भी अपील की है।

निष्कर्ष

उदयपुर में जगन्नाथ रथयात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ शहर का प्रमुख सांस्कृतिक आयोजन भी है। ऐसे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए ट्रैफिक डायवर्जन और नो पार्किंग व्यवस्था लागू की गई है। यदि नागरिक प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हैं, निर्धारित पार्किंग का उपयोग करते हैं और वैकल्पिक मार्ग अपनाते हैं, तो रथयात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकेगी।

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