महाराणा प्रताप जयंती 2026 उदयपुर में श्रद्धा और गौरव के साथ मनाई गई
महाराणा प्रताप जयंती 2026 के अवसर पर उदयपुर में मेवाड़ के अमर योद्धा और शौर्य के प्रतीक महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। भारतीय पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया के अवसर पर फतहसागर झील के निकट स्थित मोती मगरी स्मारक में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक और इतिहास प्रेमी उपस्थित रहे तथा महाराणा प्रताप को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मोती मगरी स्मारक में हुआ विशेष आयोजन
महाराणा प्रताप स्मारक समिति के तत्वावधान में आयोजित समारोह की शुरुआत महाराणा प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की गई। पूरे परिसर में देशभक्ति, इतिहास और मेवाड़ की गौरवशाली विरासत की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, बलिदान और स्वाभिमान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
महाराणा प्रताप जयंती 2026 पर 486 दीप प्रज्ज्वलित
समारोह का प्रमुख आकर्षण महाराणा प्रताप जयंती 2026 के उपलक्ष्य में 486 दीपकों का प्रज्ज्वलन रहा। दीपों की रोशनी से पूरा मोती मगरी परिसर जगमगा उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके साथ ही महाराणा प्रताप की स्मृति में 486 किलोग्राम लड्डुओं का विशेष भोग भी अर्पित किया गया।

लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने की पूजा-अर्चना
मेवाड़ राजपरिवार से जुड़े डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कार्यक्रम में विशेष पूजा-अर्चना कर महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने प्रतिमा के समक्ष नमन करते हुए मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा और महाराणा प्रताप के आदर्शों को याद किया।
युवाओं के लिए दिया प्रेरणादायक संदेश
अपने संबोधन में डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि युवा राष्ट्रहित, समाजसेवा और नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पित होकर कार्य करें, तो यह महाराणा प्रताप के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
श्रद्धालुओं ने अर्पित की पुष्पांजलि
महाराणा प्रताप जयंती 2026 समारोह के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की। श्रद्धालुओं ने मेवाड़ के वीर शिरोमणि के शौर्य, त्याग और राष्ट्र समर्पण को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

महाराणा प्रताप स्मारक में रहा निःशुल्क प्रवेश
महाराणा प्रताप जयंती 2026 के अवसर पर मोती मगरी स्मारक में आने वाले सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया। सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बिना किसी शुल्क के स्मारक में प्रवेश दिया गया।
महाराणा प्रताप जयंती 2026 का महत्व
महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के उन महान योद्धाओं में शामिल हैं जिन्होंने अपने स्वाभिमान और मातृभूमि की रक्षा के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनका नाम आज भी साहस, देशभक्ति और आत्मसम्मान के प्रतीक के रूप में लिया जाता है।
निष्कर्ष
महाराणा प्रताप जयंती 2026 के अवसर पर उदयपुर के मोती मगरी स्मारक में आयोजित कार्यक्रम ने मेवाड़ की गौरवशाली विरासत और वीरता की परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया। 486 दीपकों के प्रज्ज्वलन, 486 किलोग्राम लड्डुओं के भोग और विशेष पूजा-अर्चना के माध्यम से महान योद्धा को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।